दुर्गा मां शक्ति का प्रतीक हैं। मां की आराधना करने के लिए वैसे तो किसी दिन की आवश्यकता नहीं हैं। फिर भी कुछ खास पर्व और दिन ऐसे है देश मां की भक्ति में को जाता हैं। ऐसा ही पर्व है नवरात्रि।
नवरात्रि के सभी 9 दिन मां के अनेक रूपों को पूजे जाने के लिए प्रसिद्ध हैं। इन्ही दिनों में होती है। दुर्गा पूजा जिसका विशेष महत्व बंगाल राज्य में हैं।
इस वर्ष 2022 में नवरात्रि का प्रारंभ 26 सितंबर से हैं। अश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवरात्रि का प्रारंभ होता है। और 9दिनों तक धूम धाम से किया जाता हैं। और दशमी के दिन दशहरा पर्व के साथ इसका समापन होता हैं।
नवरात्रि के दिन 9 दिनों में से आखिरी के 6 दिनों में धूम धाम से दुर्गा पूजा पर्व मनाया हैं। जिसे महालय, षष्ठी , महा सप्तमी, महा अष्टमी और नवरात्रि के रूप में मनाते हैं।
दुर्गा पूजा मनाए जाने का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि मां दुर्गा ने महिषासुर का वध किया था जिसकी खुशी में इसे पर्व के रूप में मनाते हैं।
नवरात्रि के 9 दिन मां की भक्ति और आराधना के ही होते हैं। षष्ठी से विशेष रूप के मां दुर्गा के स्वरूप को आराधना की जाती हैं।
नवरात्रि पर्व का पहनावा माता के दिव्य रुपों के अनुसार ही मनाया जाता हैं। ज्यादा तर महिलायें पारंपरिक पोशाक पहनती हैं। जैसे सूट या साड़ी इनके रंगों का चुनाव भी माता के दिन से जुड़ा हुआ हैं। हर दिन अलग रंग हैं।
यह नवरात्रि का प्रथम दिन होता हैं जिसमे मां शैल पुत्री रूप की पूजा करते है अच्छे स्वास्थ्य की कामना हेतु।
पीला रंग
मां का द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी का है।
हरा रंग
नवरात्रि के तीसरे दिन मां के चंद्र घंटा स्वरूप को आराधना की जाती हैं।
गहरे भूरे रंग
जैसे मां के अलग रूप वैसा पहनावा भी हैं। इस दिन मां के कुष्मांडा रूप का पूजन किया जाता हैं।
नारंगी रंग
नवरात्रि के पांचवे दिन में माता के स्कंद रूप का पूजन विधान हैं।
सफेद रंग
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती हैं।
लाल रंग
मां दुर्गा के दिव्य रूप में से एक है मां काली है यह रूप।
नीला रंग
यह दिन नवरात्रि के सबसे अहम दिन में से एक हैं। जिसमे मां के पूजन ,व्रत और कन्या खिलाने के साथ ही इसे मनाया जाता हैं।
गुलाबी रंग
यह अंतिम दिवस होता हैं। कई लोग नवमी के दिन ही हवन पूजन विधि पूर्वक करके व्रत का समापन करते है तो कही नव दिन व्रत करके दशमी के दिन समापन करते हैं।
जमुनी रंग
नवरात्रि के दिन 9 दिनों में से आखिरी के 6 दिनों में धूम धाम से दुर्गा पूजा पर्व मनाया हैं। जिसे महालय, षष्ठी , महा सप्तमी, महा अष्टमी और नवरात्रि के रूप में मनाते हैं।
नवरात्रि का प्रारंभ 26 सितंबर से हैं।
नवरात्रि में मां दुर्गा के नव रूपों की पूजा होती हैं।
नवरात्रि में षष्ठी से लेकर दशमी तक दुर्गा पूजा मनाया जाता हैं।
मां दुर्गा ने महिषासुर का वध करके उसके प्रकोप से आजादी दिलाई थी इसलिए यह पर्व मानते हैं।
नवरात्रि पर्व सबसे अधिक धूम धाम से कलकत्ता में मनाया जाता हैं। यह बंगाल राज्य का प्रसिद्ध पर्व हैं