नसों में सही तरह खून न पहुंचना, या किसी प्रकार का दर्द या समस्या महसूस होना प्रमुख कारण है नसों में ब्लॉकेज के। यह ब्लॉकेज क्यूं होते है इनका दुष्प्रभाव क्या है यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी हैं।
आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में, शरीर से जुड़ी समस्या सबसे अधिक हो रही जैसे अर्थराइटिस, हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज। कही न कही सभी समस्यों का मूल कारण है शरीर में सही तरीके से खून का प्रवाह न होना। जिससे नसों में खून रुकने लगता है और जान जाने का खतरा बढ़ जाता हैं।
अनियमित दिनचर्या।
नियमित रूप से व्यायाम न करना।
बढ़ा हुआ मोटापा।
कोलेस्ट्रॉल स्तर का बढ़ जाना।
शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोरी होना।
स्ट्रेस अधिक लेना।
नींद पूरी न करना।
गंदा ,बासी या जंक फ़ूड का अधिक सेवन करना।
शरीर में दर्द।
भोजन का न पचना।
हार्मोनल असंतुलन।
डायबिटीज का बढ़ जाना।
शरीर के एक अंग में दर्द होना।
जल्दी थकान महसूस करना।
सास फूलना।
ब्लड प्रेशर का बढ़ना।
बेहोशी की समस्या होना।
हल्दी में सबसे अधिक रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है जिससे आप शरीर से जुड़ी बीमारियों का निदान कर सकते हैं। हल्दी की गांठ को दूध में उबालकर पिए न हो सके तो हल्दी पाउडर का इस्तेमाल करे।
लहसुन को लेकर बड़े से बड़े वैज्ञानिकों का भी यह मानना है की नसों में जमे खून की रवानगी को ठीक करने का और ब्लॉकेज को खोलने का सबसे अच्छा विकल्प लहसुन है। कच्चे लहसुन से कोलेस्ट्रोल भी कंट्रोल होता हैं।
शरीर के खून को पतला करने में सिरका कमाल का असर दिखाया हैं। आप इसे अपने रोज मर्रा के भोजन में अपनाएं। आप से प्याज के साथ या फिर दाल में डाल कर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
शहद के इस्तेमाल से भी आप नसों में हुए ब्लॉकेज को खोल सकते हैं। यह आपका खून भी पतला करता हैं।
आंवला में सबसे अधिक विटामिन सी होता हैं। जो की शुगर और कोलेस्ट्रोल दोनो को ही कंट्रोल करता हैं। आंवला में एंटी ऑक्सीडेंट का गुण भी विद्यमान होता है जो की शरीर की शुद्धि करके खून को गाढ़ा होने से रोकता हैं।
बिलबेरी , कैनबेरी का सिस्टर प्लांट हैं। इससे धमनियों के बहने वाला खून पतला होता हैं। और ब्लॉकेज की समस्या से निजात मिलती हैं।
अदरक, सर्दी खासी, जुकाम जैसी समस्याओं को दूर करने के साथ ही खून की शुद्धि करता है और शरीर के सभी ब्लॉकेज को दूर करता हैं।