बिलनी या गुहेरी आखों का इन्फेक्शन होता हैं जो आखों की पलकों पर गांठ होता हैं। यह पलको की ऑयल ग्लैंड को प्रभावित करता हैं। यह स्टैफिलोकोकस नामक बैक्टीरिया के कारण फैलता हैं।
बिलनी की कई अंग्रेजी दवाइयां अब बन गई हैं। पर आज भी कुछ ऐसे देशी उपाय है जिसने आप इस बीमारी की रोकथाम कर सकते हैं।
आखों की सफ़ाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। गंदे हाथों से आखों को कभी न छुए। दिन में कम से कम दो से तीन बार ठंडे पानी से धोएं।
ग्रीन टी का प्रयोग करके आप आखों की सिकाई कर सकते हैं। या इसके घोल को कॉटन के द्वारा आखों पर लगा सकते है इसमें मौजूद टैनिन संक्रमण को रोकता हैं।
आप एक कटोरी में हल्दी का पेस्ट तैयार कर ले और इसे अपनी बिलनी वाली जगह पर लगाए ऐसा करने आपको जल्दी ही आराम मिलेगा क्युकी हल्दी एंटीबायोटिक का उत्तम विकल्प हैं।
एलोवेरा को पत्ती से जेल को लेना है और से अपनी आंखो पर लगाना हैं यह संक्रमण को रोकने के साथ ही आपको दर्द , जलन, खुजली से भी निजात दिलाएगी।
बिलनी में आखों में काफी सूजन आ जाती है, कई बार तो पलकें खुलती तक नहीं हैं इस अवस्था में गर्म पानी की सिकाई सबसे अच्छा विकल्प होता हैं।
लहसुन की सात कलियों को एक एक करके सात दिन बिलनी से छुआए, ऐसा करने से आपकी बिलनी हर दिन के साथ सूखने लगेगी।