खुश रहने के लिए या खुशियों को सही ढग से जानने के लिए हमें पहले यह जानना होगा की वास्तव में खुशियां है क्या? वो है जो हम बाहरी दुनिया में खोजते हैं या खुशी वो है जो हमें हमारे भीतर महसूस होती हैं।
संसाधन , लक्जरी लाइफ , बाहिरी आडंबर से मिली खुशी क्षणिक होती हैं। आज हमने स्वयं के लिए ही इतनी मुसीबतें बढ़ा ली है की यह दिखावे से बाहर निकल कर खुश रह ही नहीं सकते।
यदि आपको जीवन में सही मायने में खुश रहना है तो आपको अपने ही कुछ बदलाव करने होंगे जिससे आप खुद को स्वयं ही खुश रख सकते हैं। जाने यह खास आदतें जो आपको रखेगी खुशहाल :
अगर आपको खुश रहना है तो सबसे पहले खुद को खुश करें न की किसी पर निर्भर रहे। खूब हसे प्रसन्न रहें।
वयक्ति को दिखावे से दूर रहना चाहिए सादा जीवन उच्च विचार को अपनाए न को बाहरी प्रदर्शन में दुखी रहें।
आप कम बोले अधिक सुने तभी आप सीख ले पाएंगे। अधिक बोलने से आप कभी कभी कटु वचन बोल जाते जो दुख का कारण हैं।
दिन भर के बीच में थोड़ा वक्त भगवान के लिए अवश्य निकाले यह आपको शांति और उर्जा प्रदान करेगा।
बजाए इसके की आप दूसरों की कमियां निकाले अपना वक्त जाया करे उससे अच्छा है आप स्वयं का आकलन करे और खुद को बेहतर बनाए जिससे आप अधिक खुश होंगे।
आप जीवन में कुछ बुरे लोगों को उनकी बातों को भी इग्नोर करके खुश रह सकते हैं।
जीवन में हर बार लोगों को बदलने की ही जरूरत नहीं है कभी कभी आप उनके अच्छाई बुराई दोनो के साथ अपनाए ऐसा करने से आप खुद को बेहतर और खुश पाएंगे।
वयक्ति जितना दूसरो के सहारे पर खुश होगा उनके अधीन होगा उतना ही दुखी रहेगा।
खुश रहने के लिए यह मूल मंत्र है पोसिट्व होना। आपका नजरिया जितना सकारात्मक होगा आप उतनी उन्नति करेगें।
वयक्ति को स्वयं पर भरोसा होना चाहिए की उसकी खुशियां उसके दम पर हो। उसके लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं हैं।
व्यक्ती को निरंतर अभ्यास रत, प्रयत्शील होना चाहिए । जीवन की वास्तविक खुशी यही है जो उसे अपनी मेहनत से मिलती।
माया का लोभ अच्छा नही होता, माया मोह को व्यक्ति का परम शत्रु बताया गया हैं। जो आपको अंदर ही अंदर मरता है।
जितना हो सके लोगों की मदद करे । दूसरों के चहरे की हसी का कारण बनिए आपको भी खुशी मिलेगी।
जब तक शरीर स्वस्थ्य नही होगा आप खुश नहीं रह पाएंगे इसलिए हो सके तो योगा ध्यान, प्राणायाम अवश्य करे।