मां बनने का सुख हर स्त्री के लिए बेहद खास पल होता हैं।ऐसा वो अगर इस सुख से वंचित रह जाये तो यह चिंता का विषय हैं।
आज हम इस विषय में जानकारी देंगे की किन कारणों से होती है प्रेग्नेंसी में देरी, ताकि समय रहते हम सही डॉक्टरी सलाह ले और संतान सुख प्राप्त कर ले।
बच्चे में देरी का सबसे बड़ा और प्रमुख कारण है उम्र में अधिक होना।
शरीर में अधिक चर्बी होना भी रुकावट का एक मुख्य कारण हैं।
बच्चे के जन्म हेतु महिलाओं के आस पास वातावरण तनाव मुक्त होना चाहिए।
महिलाओं में होने वाली यह बीमारी संतान जन्म में बाधा बनती हैं।
फ्लोपियन ट्यूब की मदद से स्पर्म एग तक जाते है जिसके ब्लॉक होने पर भी हमें बच्चे के जन्म में दिक्कत आती हैं।
PCOD की समस्या होने पर महिलाओं में फर्टिलाइजेशन नही हो पाता हैं।
यूटरस से जुड़ी दिक्कतें बाहरी भी हो सकती है या यूटरस में अंदुरूनी भी इसका तुरंत इलाज कराए।
बच्चे के जन्म हेतु मां का शरीर भी ताकतवर होना चाहिए। आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन अच्छे से ले।
सिस्ट के कारण महिलाओं में बच्चे के जन्म को लेके दिकत्ते आती है, यह गांठ सी होती है जो यूटरस में मुंह पर या अंदर हो जाती हैं।
शरीर को हेल्थी रखने के लिए योग, व्यायाम, एक्सरसाइज बेहद जरूरी है पर उतनी ही जितना शरीर की क्षमता हो अन्यथा दिक्कत हो सकती हैं।
कई बार बच्चे न होने का कारण पुरुष भी होते है जैसे स्पर्म का कम होना, वीर्य का पतला होना या कोई बीमारी होना।
महिलाओं को बच्चे के जन्म के समय या उससे पहले कभी भी हार्मोन्स की दवाओं का या अधिक दवाइयों का सेवन नहीं करना चाहिए।